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Gudhal.oil

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सामग्री -- (1) 200 ML नारियल का शुद्ध तेल (2) गुडहल के 20 फूलों की केवल पंखुरियां (3) गुडहल की 12 माध्यम आकार की स्वस्थ पत्तियां.
निर्माण विधि--- (1) गुडहल के फूल और पत्तियों को सिल पर पीस कर रख लें. पत्तियां पीसते समय आसानी से पीसने के लिए एक चम्मच पानी मिला सकते हैं. इसे मिक्सी में न पीसें. 
(2) 200 ML नारियल तेल लेकर आंच पर गरम करें जब ठीक से गरम हो जाये तो आंच बिलकुल धीमी करके गुडहल के फूलों और पत्तियों का पेस्ट डाल दें और किसी चम्मच की सहायता से डेढ़ दो मिनट तक चलाते रहें. जब अधिकतर पानी जल जाए तो आंच बंद करके इस तेल को छान कर अलग रख लें.
ध्यान रखें आंच बहुत धीमी रखनी है क्योंकि नारियल का तेल बहुत जल्दी जल जाता है.
अब आपका चमत्कारी तेल तैयार है.इस तेल का रंग हल्का लाल होता है.
इस तेल की मालिश नियमित करने से बालों का झडना रुक जाता है डैनड्रफ़ निश्चित रूप से ख़त्म हो जाती है. बाल काले घने और मजबूत भी होते हैं.
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Om Namah Shivay By Acharya V Shastri

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अस्तित्व को समझने के लिए विज्ञान पूरे जोर-शोर से कोशिशें करता रहा है। लेकिन हमारे देखने, सुनने स्पर्श करने की शक्तियां और यहां तक मन भी सिर्फ भौतिक चीज़ों को ही समझ सकते हैं। हमारे द्वारा बनाया गया कोई भी उपकरण भी सिर्फ भौतिक चीज़ों को समझ सकता है। तो फिर वह जो भौतिक से परे है, उसकी प्रकृति क्या है?
अगर आप भौतिकता से थोड़ा आगे जाएं, तो सब कुछ शून्य हो जाता है। शून्य का अर्थ है पूर्ण खालीपन, एक ऐसी स्थिति जहां भौतिक कुछ भी नहीं है। जहां भौतिक कुछ है ही नहीं, वहां आपकी ज्ञानेंद्रियां भी बेकाम की हो जाती हैं। अगर आप शून्य से परे जाएं, तो आपको जो मिलेगा, उसे हम शिव के रूप में जानते हैं। शिव का अर्थ है, जो नहीं है। जो नहीं है, उस तक अगर पहुंच पाएंगे, तो आप देखेंगे कि इसकी प्रकृति भौतिक नहीं है। इसका मतलब है इसका अस्तित्व नहीं है, पर यह धुंधला है, अपारदर्शी है। ऐसा कैसे हो सकता है?  यह आपके तार्किक दिमाग के दायरे में नहीं है। आधुनिक विज्ञान मानता है कि इस पूरी रचना को इंसान के तर्कों  पर खरा उतरना होगा, लेकिन जीवन को देखने का यह बेहद सीमित तरीका है। संपूर्ण सृष्टि मानव बुद्धि के तर्कों पर कभ…